जिन्दगी का सफर हसीन हो गया

प्रिय साथियो 

दोस्ती में क्या पड़ा में तेरे

पुराना जमाना नया हो गया

नई बातें समझ न सका
गफलत में खुश होता गया मैं
दोस्ती मैं क्या पड़ा मैं तेरे
ज़िंदगी} का सफ़र ही हसीन होगया