बसंत बहार – खुश हो उठा संसार

बसंत पंचमी, देवी सरस्वती का जन्मदिन (माह माघ में शुक्ल पक्ष का पाँचवा दिन)

जो विद्या की देवी है। उनके पास छः प्रकार की शक्तियाँ है – ज्ञान, विद्या, कला, बुद्धि, संस्कृति एवं कल्याण।

बसंत ऋतु – बसंत पंचमी से शुरू होती है। प्रकृति आनन्दित हो उठती है। चारों तरफ सरसों की महक एवं पीले रंग की ओढ़नी सभी को आनन्दित करती है। लहलहाती फसल नए जीवन का आभास कराती है। सभी को खुशी देती है।

बसंत ऋतु – पतंग के साथ सभी के दिलों को जोड़ने और बिना भेदभाव के सह अस्तित्व को सिखाती है।

अच्छी फसल, पानी, हवा, धूप व धरती की देन है यह माँ सरस्वती का आशीर्वाद है।

हम बड़े हो सकते हैं पर – माँ धरती, जीवनदायिनी पानी व हवा एवं उर्जावाहिनी सूर्य की धूप से बड़े नहीं।

विभिन्नता में एकता ही बसंत ऋतु का संदेश है।

पर्यावरण बचायें – सभी की खुशियां लायें